•आगामी 02 जून 2026 मंगलवार को मध्य रात्रि में देव गुरु बृहस्पति मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। पिछले कुछ समय से गुरु ग्रह का गोचर कुछ राशियों/लग्नों के लिए अच्छा प्रभाव नहीं दे रहा है। उसका कारण है बृहस्पति ग्रह का अतिचारी अवस्था (अतिचारी अर्थात् ग्रहों का अपनी नैसर्गिक गति से अधिक गतिमान होने की स्थिति) में होना। ज्योतिष शास्त्र में गुरु जैसे शुभ ग्रह का अतिचारी अवस्था में होना, जीवन में अस्थिरता पैदा करने के लिए जिम्मेदार होता है। क्युंकि जब बृहस्पति अपनी नैसर्गिक गति से अधिक गतिमान हो जाते हैं तो वह अपने नैसर्गिक शुभ प्रभाव में कमी कर देते हैं। अब चूंकि बृहस्पति एक जीव कारक ग्रह हैं और कर्क राशि में यह शक्तिशाली होते हैं व लाभ देने के लिये जाने जाते हैं तो कहा जा सकता है कि जिनको बीते कुछ समय में किसी भी प्रकार की निराशा हुई है उन्हें कुछ महीने के लिये थोड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन यह तभी संभव है जब कोई व्यक्ति व्यावहारिक रूप से अपने कर्म भी सुधारे और अपने विचारों, व्यक्तित्व, चरित्र को सुधारने का भी प्रयास करे। गुरु का यह गोचरीय परिवर्तन किसी के लिए शुभ संकेत है तो किसी के लिए मध्यम शुभ, तो किसी के लिए मिश्रित प्रभाव देने वाला भी रह सकता है। ग्रहों का गोचर हर किसी को खुशी दे ये सम्भव नही होता है। ग्रहों का गोचर और किसी व्यक्ति की कुंडली की ग्रह दशाओं के साथ दोनों का समन्वय भी बनना आवश्यक है, क्युंकि इसी समन्वय के अभाव में ग्रहों के परिणाम कई बार परिवर्तित भी हो जाते हैं। यह परिणाम बिल्कुल ऐसे समझें जैसे यदि आप दो भिन्न प्रकार की दवाईयों का सेवन करें और आपके शरीर पर उनका रियेक्शन हो जाये। क्यूँकी दो अलग-अलग प्रकार की दवाईयों के तत्व, तासीर कभी समान नहीं होती हैं। बिल्कुल ये ही असर गोचरीय परिवर्तन का होता है कि कुछ लोगों को बहुत लाभ मिले लेकिन कुछ की आस भी व्यर्थ हो जाये। बृहस्पति ग्रह के इस गोचरीय परिवर्तन का शुभाशुभ परिणाम आपकी कुंडली में बृहस्पति ग्रह की अच्छी-बुरी स्थिति और जो ग्रह दशा चल रही है, उसी पर पूरी तरह से निर्भर करेगा कि वह आपको किस प्रकार का अवसर प्रदान करने वाले हैं।

•देवगुरु बृहस्पति ग्रह के इस गोचरीय संचरण से किसी के घर मांगलिक कार्य शुरु होंगे, किसी को बीमारी से मुक्ति मिलेगी, किसी का विवाह सम्बन्ध जुड़ जायेगा, तो किसी के रोग वृद्धि होगी, किसी को नौकरी मिलेगी, तो किसी की नौकरी में परिवर्तन, उन्नति या स्थांतरण होंगे। कुछ महिलाओं को सन्तान सुख की प्राप्ति होगी, तो कुछ को गर्भ हानि भी हो सकती है या सन्तान को कष्ट भी। कुछ लोग लेखन, मीडिया, शिक्षा, प्रतियोगिता में सफल होंगे तो कुछ पीछे रह जायेंगे। कुछ लोगों की प्रसिद्धि फैलेगी तो कुछ की बदनामी भी हो सकती है।
•बृहस्पति के इस राशि परिवर्तन और गोचर के अंतर्गत जून माह से अक्टूबर 2026 के मध्य कुछ समय के लिए बृहस्पति अस्त/मार्गी/वक्री स्थिति में भी रहेंगे, अक्टूबर 2026 के अंत में बृहस्पति कुछ समय के लिए पुन: राशि परिवर्तन करके कर्क राशि से सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। जून से अक्टूबर के बीच बृहस्पति के इस गोचर से किस राशि/लग्न को किस रूप में लाभ या हानि मिलने की संभावना बन रही है इसका विश्लेषण इस लेख के माध्यम से किया जा रहा है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस लेख को अपनी राशि व लग्न दोनों को ध्यान में रखकर पढ़ें। जैसे- यदि आपकी मेष राशि और तुला लग्न है, तो इन दोनों के बारे में जानकारी पढ़ें।

1- मेष राशि- विदेश में प्रवासी लोग घर वापसी कर सकते हैं, स्थांतरण या नौकरी में प्रोन्नति मिलने के योग हैं। ये गोचर आपके जीवन में बदलाव का संकेत दे रहा है। परिवार के साथ सुख,आनन्द लेंगे, घर में किसी महिला, माता का स्वास्थ्य खराब हो सकता है, नये घर, भूमि खरीदने या शेयर बाजार में निवेश कर सकते हैं। सीए, अर्थशास्त्र,अकाउंट्स की पढ़ाई में सफलता, घर में कोई बदलाव करवा सकते हैं, विवाह प्रस्ताव आयेंगे, प्रेम सम्बन्ध की शुरुआत हो सकती है। बहन, बुआ, मौसी, मामा को लेकर चिंता बढ़ सकती है या उनसे किसी विषय पर विचार विमर्श करेंगे।
2- वृषभ राशि- किसी स्थिति में साहस से काम लेंगे, संचार और नये अवसर व सम्बन्ध बनेंगे, बड़े सपने देखेंगे, काम के कारण यात्राएं करेंगे। नये मित्र बन सकते हैं जो आपके लक्ष्य साधने में काम आयेंगे। प्रशासनिक-सरकारी विभाग, स्टॉक मार्केट, अकाउंट्स, कानून से जुड़ा काम मिलेगा। नया अनुबंध या साझेदारी बनेगी यह वैवाहिक भी हो सकती है। स्टॉक मार्केट, शेयर व बैंक में एफडी में निवेश कर सकते हैं। निजी कार्य में सफलता मिलेगी, आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। लेकिन रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, अपच की समस्या, दुर्घटना योग, हाथ, कन्धे व कमर के नीचे भाग में पीड़ा हो सकती है। भाग्य रुकावट के साथ आगे बढ़ेगा। कोई शोक संदेश मिल सकता है।
3- मिथुन राशि- पेट, लीवर, हृदय रोग, रक्तचाप की समस्या पैदा हो सकती है व अधिक खाने-पीने से अपच रोग बढ़ेगा। ये समय आपके किसी पुराने रोग को बढ़ाएगा। पैतृक संपत्ति का लाभ उठाएं, व पूर्वजों के स्थान पर यात्रा सम्भव है। जो लोग सन्तान के लिए प्रयास कर रहे हैं उनकी इच्छा पूरी हो सकती है। ऋण लेने या देने की योजना बना सकते हैं। मेडिकल व्यवसाय में लाभ, सैलरी में वृद्धि व दवाईयों पर खर्च बढ़ेगा।
4- कर्क राशि- आपके लिए बृहस्पति काफी अच्छे परिणाम देने वाले हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, धन का निवेश, किसी व्यवसाय को स्थापित कर सकते हैं। नौकरी में उन्नति, सन्तान को लेकर कोई निर्णय लेने के योग हैं। जिनके सन्तान सुख नहीं है वह गोद लेने का विचार कर सकते हैं। कोई पुरानी इच्छा पूरी होगी। पैतृक संपत्ति मिल सकती है। धार्मिक स्थल पर जाने का अवसर मिलेगा। आध्यात्मिक झुकाव बढ़ेगा।
5- सिंह राशि- यह गोचर आपके लिए चिंता बढ़ा भी सकता है या पहले से चल रही किसी परेशानी को दूर करने के माध्यम भी बना सकता है। सरकार, प्रशासन या परिवार में किसी वरिष्ठ व्यक्ति से विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। गुप्त बातें उजागर हो सकती हैं, विभागीय कामों में अटकलें या कोई जांच के आदेश दिये जा सकते हैं। कार्यस्थल पर अत्यधिक दबाव बढ़ सकता है। कानूनी दांव पेंच अपनाने पड़ सकते हैं। नौकरी से पदच्युत होने या स्थांतरण के योग बन रहे हैं। खर्चों, रोग व ऋण को लेकर विपरित स्थिति हो सकती है। सन्तान को लेकर चिंतित रहेंगे। विपरित परिस्थिति में ईश्वर की कृपा मिलेगी।
6- कन्या राशि- घर व स्थान परिवर्तन हो सकता है। अस्पताल, बीमारी पर खर्च होगा। बड़े भाई-बहन, मित्र का सहयोग मिलेगा, पिता/पिता समान व्यक्ति को स्वास्थ्य समस्याएँ व आपको या आपकी सन्तान को उदर विकार, शारिरीक कष्ट हो सकता है। कोई नया अनुबंध, नया ऑफ़िस या व्यवसाय शुरु कर सकते हैं। मीडिया, सम्पादन, लेखन कार्य, शिक्षा व शिक्षकों के लिए अच्छा समय, पति या पत्नी की उन्नति हो सकती है, गर्भवती महिला ध्यान रखें, प्रेम सम्बन्ध की शुरुआत होने या विवाह के योग बन सकते हैं।
7- तुला राशि- छोटे बहन भाई को लेकर चिंता हो सकती है। नौकरी करने का प्रयास करेंगे, नया दायित्व, वेतन में वृद्धि, दूर की यात्रा पर जाना होगा। खर्चों में वृद्धि होगी, व्यापार करने के लिए निवेश की कमी व ऋण लेने की सोच सकते हैं। माता का स्वास्थय अस्थिर या गम्भीर हो सकता है, धन संचय करने में दिक्कतें और आय कम व्यय अधिक होगा। वंश वृद्धि हो सकती है।
8- वृश्चिक राशि- बृहस्पति का आशीर्वाद प्राप्त होगा। भाग्य में वृद्धि होगी, बुद्धि प्रखर होगी, ज्ञान, लेखन, रिसर्च वर्क बढ़ेगा और प्रसिद्धि फैलेगी। गूढ़ विद्या, सट्टा, शेयर बाजार में निवेश, गुप्त कामों से धन के योग मजबूत बनेंगे। व्यक्तित्व निखरेगा। पैतृक संपत्ति, धन मिलने के योग, अध्ययन-अध्यापन, नौकरी में कार्य करने वालों को उन्नति मिलेगी व उच्च स्तरीय शिक्षा के लिए प्रतियोगी परीक्षा में प्रयास सफल होंगे। कर्म को भाग्य का साथ मिलेगा। दूरस्त और धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं व छोटे भाई बहन का स्नेह मिलेगा लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से उनकी चिंता रहेगी। पूर्वजों का आशीर्वाद मिलेगा व उनके प्रति कृतज्ञता बढ़ेगी।
9- धनु राशि- मातृत्व सुख के लिये प्रयास सफल हो सकता है लेकिन जो महिलायें प्रथम बार गर्भ धारण कर रही हैं वह गर्भावस्था के दौरान विशेष ध्यान दें, क्युंकि गर्भपात होने की संभावना भी बन रही है। घर की साज सज्जा, गृह निर्माण पर खर्च करेंगे, घर या भूमि की खरीद बेच कर सकते हैं, माता के स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव आ सकते हैं। जुड़ा धन खर्च होगा, अस्पताल, दवा के खर्च बढ़ सकते हैं। आय व्यय समान रहेंगे।
10- मकर राशि- विवाह को लेकर तरह-तरह के विचार आयेंगे, नया व्यवसाय शुरु करने का प्रयास कर सकते हैं व किसी पुराने काम में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, विशेषतः दुर्घटना के योग बन रहे हैं। घर के वरिष्ठ जनों पर स्वास्थय सबंधी खर्च करेंगे, नये सम्बन्ध, नये अवसर व नये ग्राहक बढ़ेंगे। बड़े भाई बहन का प्यार व सहयोग प्राप्त होगा। आमदनी अचानक बढ़ेगी। बौद्धिक व रचनात्मक कार्य, लेखन से लोग प्रभावित होंगे जिससे पहचान बढ़ेगी, पराक्रम व साहस से किये गए काम से लाभ होगा। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, घर की मरम्मत का काम करवा सकते हैं। किसी यात्रा पर जाना हो सकता है। खर्च नियन्त्रण करने पर विचार करेंगे।
11- कुम्भ राशि- बृहस्पति का यह गोचर आपके खर्चे, परेशानी, कुटुम्ब में बीमारी बढ़ने का कारण बना सकता है। जो लोग नौकरी, उच्च शिक्षा, रिसर्चर या किसी प्रशिक्षण के लिए प्रयास कर रहे हैं उन्हें कॉल आ सकती है। आध्यात्मिक झुकाव होगा व परिवार में कोई नया सदस्य आयेगा। धन कमाने के लिए बाहर जाना, किसी बीमारी का इलाज करने के लिए अस्पताल में भर्ती होने के योग, पुत्र को लेकर चिंता, किसी पुरानी मुकदमेबाजी से निजात मिल सकती है या कोई पुराना विवाद उभर कर सामने आ सकता है। यह गोचर आपके लिए मिश्रित प्रभाव लेकर आया है। विपरित परिस्थिति पैदा होंगी लेकिन अंत भला होगा।
12- मीन राशि- यह गोचरीय स्थिति आपके विचारों में मंथन पैदा करेगी और सही गलत का फर्क समझ पायेंगे। सन्तान की ओर से सुखद अनुभव मिलेगा। सरकार व पिता से लाभ, पैतृक विरासत से जुड़ाव महसूस करेंगे। परिवार में मांगलिक कार्य होंगे, धन की स्थिति मजबूत होगी। आध्यात्मिक जाग्रति, धार्मिक यात्रा व गुरु तुल्य व्यक्ति से सम्पर्क होगा। नई नौकरी के अवसर, पदोन्नति, जिनकी उच्च शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा है वह पूरी होगी। पीएचडी, शोधकर्ताओं, दीक्षा ग्रहण करने के लिए अच्छा समय, बड़े भाई बहन के साथ समय व्यतीत कर सकते हैं। लक्ष्य प्राप्त करने या कोई इच्छा पूरी करने में विलम्ब, मित्र से अनबन हो सकती है। पुरानी बीमारी या परेशानी से निजात मिलेगी। वजन बढ़ सकता है।
(नोट: यह लेख किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करता है। यह ज्योतिषशास्त्र के आधार पर एक सामान्य विश्लेषण किया गया है। प्रामाणिकता व सटीकता के लिए अपनी व्यक्तिगत कुंडली का किसी से ज्योतिषीय अवलोकन करवाएं।)
ज्योतिर्विद् अशनिका शर्मा
फोन: 9568962423
मेरठ, उत्तर प्रदेश।



