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महारानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर सपा का आदिवासी सम्मान संकल्प, अखिलेश यादव ने भाजपा पर साधा निशाना

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में वीरांगना महारानी दुर्गावती को दी श्रद्धांजलि, आदिवासी अधिकारों, सामाजिक न्याय और 2027 के राजनीतिक एजेंडे पर रखी पार्टी की रणनीति

  • अखिलेश कुमार अग्रहरि

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में गोंड वीरांगना महारानी दुर्गावती का 463वां बलिदान दिवस सादगी एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महारानी दुर्गावती के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके शौर्य, बलिदान और आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास को याद किया।

इस अवसर पर अखिलेश यादव ने कहा कि महारानी दुर्गावती ने अपने गढ़मंडला राज्य की स्वतंत्रता, अस्मिता और सम्मान की रक्षा के लिए अद्भुत साहस और वीरता का परिचय दिया। उन्होंने 16 वर्षों तक सफल शासन किया तथा समाज के कल्याण के लिए मठ, मंदिर, कुएं, बावड़ियां और धर्मशालाओं का निर्माण कराया। उन्होंने कहा कि 16वीं शताब्दी में नारी वाहिनी के रूप में महिला सैन्य टुकड़ी का गठन करना उनकी दूरदर्शिता और महिला सशक्तिकरण का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि महारानी दुर्गावती का बलिदान भारतीय नारी शक्ति, स्वाभिमान और देशभक्ति की अमर मिसाल है। उनका संघर्ष और त्याग आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए के ‘ए’ में आदिवासी समाज भी शामिल है और समाजवादी पार्टी आदिवासी समाज को सम्मान एवं अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि समाजवादी सरकार बनने पर लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट पर महारानी दुर्गावती की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर आदिवासी समाज के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की जाएंगी। लोहिया आवास योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें सोलर पैनल की सुविधा भी होगी। महिलाओं को प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता दी जाएगी तथा केजी से पीजी तक शिक्षा निःशुल्क की जाएगी। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएंगे और बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाएंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया जाएगा तथा जातीय जनगणना के आधार पर आदिवासी समाज को उनकी आबादी के अनुरूप अधिकार और प्रतिनिधित्व दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में अधिकारियों द्वारा गांव-गांव जाकर आदिवासी समाज के प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे ताकि उन्हें भटकना न पड़े।

प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन पर कब्जा कर रही है तथा उनके अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में आदिवासी समाज के युवाओं की उपेक्षा की गई और उन्हें रोजगार से वंचित रखा गया।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है। अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला आस्था के साथ खिलवाड़ है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण कई होनहार युवाओं की जान चली गई।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर आदिवासी समाज को शिक्षा, रोजगार, आवास और सम्मान देने का कार्य किया जाएगा तथा सामाजिक न्याय की स्थापना की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 में पीडीए की सरकार बनेगी और प्रदेश में सामाजिक न्याय एवं समानता की नई व्यवस्था स्थापित होगी।

कार्यक्रम में समाजवादी अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व्यासजी गोंड, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रवि गोंड, डॉ. विनोद भास्कर गोंड, एडवोकेट विजय गोंड, चंद्रा गोंड, जनार्दन गोंड, आनंद आदिवासी मुसहर, राजवीर कठेरिया, अनीता कोल, लक्ष्मीनाथ कश्यप, डॉ. मगरूब कुरैशी, हरीश राना गोंड सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के प्रतिनिधि एवं पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में प्रदेश सचिव युवजन सभा लक्ष्मीनाथ कश्यप ने अखिलेश यादव को महारानी दुर्गावती की प्रतिमा भेंट की, जबकि मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सचिव पंकज सिंह ने उन्हें समाजवादी आम भेंट कर सम्मानित किया।

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