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दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी की बड़ी साजिश का खुलासा — कई शहरों में हमले और विस्फोटकों से लदी गाड़ियाँ तैयार करने की योजना

  • नेहा पाठक

नई दिल्ली। खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच के दौरान एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा किया है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी समूह कई भारतीय शहरों में समन्वित हमले करने की तैयारी में था और इसके लिए विस्फोटकों से लदी कई गाड़ियाँ तैयार की जा रही थीं।

जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी और उसके सहयोगियों ने हुंडई i20 और फोर्ड इकोस्पोर्ट जैसी कारों को विस्फोटक हमलों के लिए मॉडिफाई करने की योजना बनाई थी। खुफिया सूत्रों ने बताया कि दो अन्य पुरानी गाड़ियों को भी इसी उद्देश्य से तैयार किया जा रहा था।

सूत्रों के अनुसार, लगभग आठ संदिग्धों की एक टीम चार स्थानों पर एक साथ विस्फोट करने की तैयारी कर रही थी। प्रत्येक जोड़े को एक-एक शहर का लक्ष्य सौंपा गया था। समूह के सदस्य दो-दो के दल में जाकर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का इस्तेमाल करने वाले थे।

जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क पहले से ही आतंकी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों से जुड़ा था, जिनमें डॉ. मुज़म्मिल, डॉ. अदील, डॉ. उमर और शाहीन जैसे नाम शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी ISIS की शाखा ‘अंसार गज़वत-उल-हिंद’ से प्रेरित थे।

सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने मिलकर लगभग 20 लाख रुपये नकद जुटाए थे, जिसे संचालन के लिए उमर को सौंपा गया। इस धनराशि से गुरुग्राम और नूंह क्षेत्र से करीब 20 क्विंटल एनपीके उर्वरक खरीदा गया, जिससे विस्फोटक तैयार किए जाने थे।

उमर ने इन गतिविधियों के समन्वय के लिए सिग्नल ऐप पर दो से चार सदस्यों वाला ग्रुप बनाया था, जिसके जरिए गुप्त रूप से संपर्क साधा जा रहा था।

इस बीच, फरीदाबाद पुलिस ने बुधवार को लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट (DL 10 CK 0458) जब्त की, जो डॉ. उमर उन नबी के नाम पर पंजीकृत है। यह कार खंडावली गांव के पास छोड़ी गई मिली।

गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की कि लाल किले के पास विस्फोट करने वाला व्यक्ति डॉ. उमर उन नबी ही था, क्योंकि फोरेंसिक डीएनए जांच में उसके नमूनों का उसकी मां के डीएनए से मिलान हो गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के बाद उमर का पैर कार के स्टीयरिंग और एक्सीलेरेटर के बीच फंसा पाया गया था, जिससे स्पष्ट हुआ कि विस्फोट के समय वही वाहन चला रहा था।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह एक सुनियोजित आतंकी साजिश थी, जिसे एनआईए और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने विफल कर दिया। जांच एजेंसियाँ अब इस मॉड्यूल के व्यापक नेटवर्क और विदेशी कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही हैं।

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