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‘बिठूर महोत्सव’ का भव्य आगाज़, यूफोरिया की धुन पर झूम उठा जनसैलाब

विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने बिठूर को ऋषि-मुनियों की पावन भूमि बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।

  • ज्योति सिंह

कानपुर नगर। तीर्थनगरी बिठूर में गुरुवार शाम तीन दिवसीय बिठूर महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसने एक बार फिर शहर की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, सांसद रमेश अवस्थी, महापौर प्रमिला पांडेय, विधायक अभिजीत सिंह सांगा, विधायक नीलिमा कटियार, विधायक सरोज कुरील, एमएलसी सलिल बिश्नोई, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और सीडीओ दीक्षा ने स्वस्तिवाचन के बीच दीप प्रज्वलित कर किया।

इस मौके पर प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बिठूर की ऐतिहासिक धरा को नमन करते हुए कहा कि यह नगरी अपनी सांस्कृतिक पहचान और गौरव के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश विकास के नए दौर से गुजर रहा है और ऐसे आयोजन बिठूर की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। इससे कलाकारों को मंच मिलता है और परंपराएं सशक्त होती हैं।

दीप प्रज्वलन के बाद अवधेश सिंह बावरा की रचना “जय हो धरा बिठूर…” को प्रणव सिंह ने सुमधुर स्वर में प्रस्तुत किया, जिसमें बिठूर की आस्था और ऐतिहासिक विरासत का प्रभावी चित्रण दिखा। इसके उपरांत भोपाल कत्थक समिति की प्रख्यात नृत्यांगना अनुराधा सिंह ने शास्त्रीय नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी। उनकी भक्तिकटक और कलियामर्दन आधारित प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

यूफोरिया के साथ झूमे लोग

शाम ढलते ही कार्यक्रम ने रॉक कॉन्सर्ट का रूप ले लिया जब यूफोरिया बैंड मंच पर पहुंचा। प्रमुख गायक पलाश सेन ने दर्शकों से संवाद करते हुए प्रस्तुति शुरू की। “कभी आना तू मेरी गली”, “मायरी” और “आगे जाने राम क्या होगा” जैसे लोकप्रिय गीतों पर युवा दर्शक झूम उठे। “मां तुझे सलाम” ने माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। लाइव गिटार, ड्रम और रोशनी के बीच हजारों की भीड़ देर रात तक संगीत में डूबी रही।

पुष्प प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

महोत्सव परिसर में उद्यान विभाग द्वारा लगाई गई पुष्प प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। यहां 66 प्रजातियों के फूलों ने रंगों की मनमोहक छटा बिखेरी। रेननकुलस, पिटूनिया, एस्टर, डेजी, फ्लोक्स, हेलीक्राइसस (पेपर फ्लॉवर), लाइनम और स्टॉक सहित विभिन्न सजावटी पुष्पों के साथ लोगों ने जमकर सेल्फियां लीं।

35 स्टॉलों पर सजी परंपरा और आधुनिकता

महोत्सव में विभिन्न विभागों और स्वयं सहायता समूहों के कुल 35 स्टॉल लगाए गए हैं। यहां सजावटी सामग्री, रेडीमेड गारमेंट्स, पूजन सामग्री, लकड़ी के खिलौने, मिट्टी के बर्तन, पॉटरी, माटी कला उत्पाद, मसाले, ड्राई फ्रूट्स, कालीन और दरी की बिक्री ने मेले जैसा माहौल बना दिया।
रक्षा उत्पादों की प्रदर्शनी भी युवाओं के लिए खास आकर्षण रही, जिसमें ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की बुलेटप्रूफ जैकेट, कॉम्बैट किट, मल्टी पर्पज किट, विशेष जूते और पानी शुद्धिकरण हाइड्रेशन सिस्टम प्रदर्शित किए गए। इसके अलावा ग्लाइडर्स इंडिया के उत्पाद और आईआईटी की एआई प्रदर्शनी ने भी लोगों का ध्यान खींचा।

द्वितीय दिवस (27 फरवरी 2026) का कार्यक्रम

बिठूर महोत्सव के दूसरे दिन भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी—

  • प्रातः 10:00 बजे – 2:00 बजे: “द बैटल ऑफ बैंड्स”
  • दोपहर 2:30 बजे – 4:30 बजे: “लोकल टैलेंट (कानपुर्स गॉट टैलेंट)”
  • सायं 5:00 बजे – 6:50 बजे: श्री राम कला केंद्र द्वारा कर्ण आधारित नाट्य प्रस्तुति
  • रात्रि 7:30 बजे: कवि सम्मेलन

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