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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और सरकार पर अखिलेश यादव के तीखे सवाल, प्रेस कॉन्फ्रेंस में साधा निशाना

  • अखिलेश अग्रहरि

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे बनाकर देश को एक नया विजन दिया था, जिसके आधार पर आज देशभर में एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी सरकार ने एक्सप्रेस-वे को इस तरह विकसित किया था कि वह डिफेंस और सेना के उपयोग में भी आ सके।

लखनऊ स्थित पार्टी के राज्य मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे देश का पहला ऐसा एक्सप्रेस-वे है, जहां टोल व्यवस्था मुख्य मार्ग से नीचे बनाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार समाजवादी सरकार के कामों की नकल कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे के किनारे मंडियां विकसित करने की योजना थी, जिससे किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिल सकता था।

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकार जवाबदेह नहीं है। नोटबंदी, किसान आंदोलन और आर्थिक नीतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि इन फैसलों का असर आम जनता और किसानों पर पड़ा।

अखिलेश यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय के मुद्दों पर समाजवादी पार्टी पीडीए (PDA) के साथ खड़ी है और जातीय जनगणना की मांग दोहराई। उनका कहना था कि जनसंख्या के अनुपात में सभी वर्गों को अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।

उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध और अव्यवस्था बढ़ी है। साथ ही उन्होंने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और पंचायत चुनाव टाले जाने को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।

केंद्र सरकार की नीतियों पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि विदेशी बाजारों पर बढ़ती निर्भरता से “मेक इन इंडिया” और “स्किल इंडिया” जैसे कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने किसानों और रोजगार के मुद्दों को प्रमुख चिंता बताया।

यूसीसी और शिक्षा जैसे सवालों पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों को आपस में बांटने के बजाय रोजगार और विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और प्रगतिशील राजनीति के एजेंडे के साथ आगे बढ़ेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे बयान प्रदेश की सियासत को और गर्माने वाले माने जा रहे हैं।

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