
- समय टुडे डेस्क।
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के दस सदस्यीय राष्ट्राध्यक्षों की शिखर बैठक आज तियानजिन में शुरू हुई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पूर्ण सत्र से पहले हल्के-फुल्के पल साझा किए, जिनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने गर्मजोशी से अभिवादन किया और एससीओ सदस्यों की पारिवारिक तस्वीर के लिए मंच की ओर बढ़े। इस बातचीत का आयोजन उनकी द्विपक्षीय बैठक से पहले हुआ।
समूह की भावी दिशा तय करने के लिए मोदी ने अन्य नेताओं के साथ एक दिवसीय विचार-विमर्श शुरू किया। शी जिनपिंग ने नेताओं का स्वागत किया और एससीओ की भूमिका को क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि संगठन सदस्य देशों के बीच सहयोग और वैश्विक दक्षिण की शक्ति को एकजुट करने में अहम योगदान देगा।

एससीओ की स्थापना जून 2001 में शंघाई में हुई थी। छह संस्थापक सदस्यों से अब यह 26 देशों का परिवार बन चुका है, जिसमें 10 सदस्य, 2 पर्यवेक्षक और 14 संवाद साझेदार शामिल हैं। भारत 2017 से पूर्ण सदस्य है। संगठन दुनिया की लगभग आधी आबादी और वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय बैठक में चीन के राष्ट्रपति के साथ पिछले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद से संबंधों में सकारात्मक प्रगति और स्थिरता का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने विकास साझेदारी, आपसी सम्मान और संवेदनशीलता पर आधारित सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। मोदी ने सीमा क्षेत्रों में शांति और सौहार्द के महत्व को भी रेखांकित किया।
एससीओ के दस सदस्य हैं: भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान, कज़ाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान और बेलारूस।



