जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने अनाथ बच्चों के साथ मनाई दीपावली, भेंट किए उपहार

जिलाधिकारी ने कहा कि भले ही वे उनके जैविक माता-पिता नहीं हैं, लेकिन एक जिलाधिकारी के रूप में वे बच्चों के वैधानिक अभिभावक हैं और उनकी हर संभव मदद करेंगे।
- प्रियंका द्विवेदी
कानपुर नगर। दीपावली के मौके पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक संवेदनशील पहल करते हुए कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में संवाद किया और उन्हें उपहार भेंट कर पर्व की खुशियाँ साझा की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बच्चों से बातचीत कर उन्हें सांत्वना दी और उनके हौसले को बढ़ाया। बच्चों को मिठाई, दीया-बत्ती, चॉकलेट और किताबें भेंट की गईं। जिलाधिकारी ने कहा कि भले ही वे उनके जैविक माता-पिता नहीं हैं, लेकिन एक जिलाधिकारी के रूप में वे बच्चों के वैधानिक अभिभावक हैं और उनकी हर संभव मदद करेंगे।
संवाद के दौरान बच्चों ने अपने सपनों और आकांक्षाओं को साझा किया। किसी ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई, तो किसी ने इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आईएएस या आईपीएस बनने का लक्ष्य रखा। जिलाधिकारी ने उन्हें करियर मार्गदर्शन देते हुए कहा कि मेहनत, अनुशासन और धैर्य से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।
कक्षा दसवीं की छात्रा गरिमा सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजनाओं से उनकी पढ़ाई बेहतर तरीके से हो रही है और उनके सपने ज़िंदा हैं। सिंधुजा यादव ने बताया कि इस आयोजन से उन्हें एहसास हुआ कि वे अकेली नहीं हैं और समाज एवं प्रशासन हमेशा उनके साथ हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों को प्रतिमाह 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। 23 वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्हें 10 लाख रुपये की एकमुश्त धनराशि मिलेगी। सभी बच्चों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवरेज और पढ़ाई में सहूलियत के लिए लैपटॉप और टैबलेट भी वितरित किए गए।
इस अवसर पर सम्मानित बच्चों में परिधि श्रीवास्तव, अद्वित मिश्रा, आराध्या मिश्रा, बबीता कपूर, सतीश कपूर, उत्कर्ष त्रिपाठी, वैष्णवी गुप्ता, अमन गुप्ता, नैतिक चड्ढा, परी मिश्रा, खुशी मिश्रा, रिद्धिमा कपूर, इशिता गुप्ता, तनिष्क गुप्ता, मानविक त्रिवेदी, अभिनव सिंह, गरिमा सिंह, अश्वनी कुमार, सिंधुजा यादव, संध्या, दिव्या और झलक शामिल रहे।



